हमारे समाज में जो अमीरी और गरीबी है, यह सिर्फ बैंक बैलेंस के आधार पर तय नहीं किया जा सकता है। वैसे तो ज्यादातर लोग बैंक बैलेंस के आधार पर ही अमीरी और गरीबी के बीच का फर्क तय कर देते हैं।लेकिन वास्तविक फर्क सिर्फ पैसे का नहीं है ,बल्कि दोनों वर्ग की सोच ,आदत और व्यवहार पर निर्भर करता है। आइए बात करते हैं दोनों वर्ग के आदत और सोच में क्या फर्क है। 

             

जानिए अमीर लोग क्या सोचते हैं जो गरीब नहीं सोच पाते।

  गरीबी और अमीरी उसके सोच पर निर्भर करता है।  

   1. गरीब वर्ग जब भी कोई काम करते हैं। और उस काम में जब छोटी-छोटी समस्या आती है। तब गरीब लोग उसी समस्या के समाधान में उलझ जाते हैं। और अपना वास्तविक काम पर फोकस नहीं कर पाते हैं। परंतु अमीर वर्ग के लोग सिर्फ अपना काम पर फोकस करते हैं। न कि उस काम के दौरान आने वाली छोटी छोटी समस्या में उलझते नही है। अमीर वर्ग के लोग सिर्फ पैसे कमाने के बारे में सोचते हैं।    

 2. अमीर वर्ग के लोग अपने व्यवसायिक स्किल को डेवलपमेंट के लिए कुछ न कुछ सीखते रहते हैं। हर दिन कुछ न कुछ नया सीखते रहते हैं। परंतु ग़रीब वर्ग के लोग सोचते की बस अब बहुत सीख लिया, अब जल्दी से नौकरी करते हैं। और उसी नौकरी में पूरी ज़िंदगी बिता देते हैं।    

 3. गरीब वर्ग का ये सोच है कि है कि, वह सिर्फ़ अपना काम करता है। और जो पैसा मिला उसे लेकर अपने में ही सिमट जाता है। परंतु अमीर वर्ग के लोग ऐसा नहीं करते हैं। ये लोग अपना काम तो करते ही हैं। इस के अलावा भी उसी कम के संबंधित लोगों से जुड़ते रहते हैं। और अपने कम को फैलाने का कोशिश करते रहते हैं। और नए-नए अवसर की तलाश करते रहते हैं।                                                                                                                                  

 

जानिए 5 ऐसे कारण, जो अमीर लोग ऐसा क्या सोचते हैं, जो गरीब नहीं सोच पाते।
          आमिर नए-नए अवसर तलाश करता है ,गरीब एक ही काम से संतोष कर लेते हैं                                                                                                                                 

4. गरीब वर्ग के लोग किसी नए काम को लेकर बहुत डरते हैं। रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। गरीब लोग रिस्क फ्री लाइफ जीना चाहते हैं। परन्तु अमीर वर्ग के लोग बहुत सूझ -बूझ के साथ अपना काम करते हुए, नए काम में भी रिस्क लेने से नहीं डरते हैं।                     
                                                                           

 5. गरीब वर्ग के लोग अपने में कुछ पैसे बचाने के लिए अपना समय काफी खर्च कर देते हैं। समय की क़ीमत को नहीं समझते हैं। परंतु अमीर वर्ग के लोग अपने काम में समय बचाने के लिए कुछ पैसे खर्च कर देते हैं। क्योंकि आमिर व्यक्ति समय की क़ीमत भली भांति जानते हैं।   

                                                                                                                            निष्कर्ष:-

 यदि किसी भी मनुष्य को अमीर बनना है, तो अपना काम की शुरुआत अमीरी सोच से कीजिए, न कि गरीबी मानसिकता वाली सोच से जैसे कि पूंजी नहीं, या मुझसे ये कैसे होगा। अपनी सोच को बदले। तथा नई- नई चीजें सीखते रहे। और समय का सदुपयोग करना सीखे।                                                                                                                  

  By :-deobrat Bhaskar Sharma